Thursday , 4 March 2021

रमाशिव हिस्ट्री

रमाशिव बहुउद्देशीय विकास समिति इन्द्रा नगर रीवा

1. चाइल्ड लाइन सेवा (1098)
2. डी.बी.टेक आई.टी. आई.
3. समूहों को प्रशिक्षण
4. किशोरियों को सबला प्रशिक्षण
5. स्वर्ण जयंती योजना अंतर्गत प्रतिक्षण
6. जन अभियान की ग्राम विकास यात्रा
7. आओं बनायें मध्यप्रदेश जन अभियान
8. नशा मुक्ति
9. स्वच्छता अभियान
10. एड्स से बचाओं पर कार्यक्रम
11. महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम
12. नव किशोरों के लिये जागृकता कार्यक्रम
13. घरेलू हिंसा पर कार्यक्रम
14. तम्बाकू निषेद दिवस
15. विश्व पर्यावरण दिवस
16. सडक सुरक्षा कार्यक्रम
17. जल की स्वच्छता का जागरूकता अभियान
18. बिछिया नदी का स्वच्छता अभियान
19. .रक्तदान शिविर का आयोजन
20. स्वास्थ शिविर का आयोजन
21. स्कूल चले अभियान
22. आपरेशन स्माइल
23. खुले में शौच मुक्त अभियान
24. पुन 100 दिवसीय बिक्षिया स्वाच्छता अभियान
25. बेटी बचाओं बेटी पढाओं अभियान
26. राॅयल इंफिलडर क्लब
27. नशामुक्ति जागरूकता अभियान पदयात्रा 15 दिन
28. एकात्म यात्रा
29. हेलमेट लाइब्रेरी
30. हाथ बढाएं कुपोषण मिटाएं
31. शिक्षा के अधिकार के तहत जागरूकता अभियान
32. बालगृह का संचालन

1. चाइल्ड लाइन सेवा (1098):– चाइल्ड लाइन 1098 24 घण्टे चलने वाली मुक्त आपातकालीन राष्ट्रीय फोन सेवा है, जिसमें 0 से 18 वर्ष के उन सभी बच्चों के लिए, जिन्हे देखभाल औरं सुरक्षा की जरूरत है ।
चाइल्ड लाइन राज्य सरकारों, गैर सरकारी संगठनों शैक्षणिक संस्थानों, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय एजेन्सियों तथा कारपोरेट सेक्टर के साथ भागीदारी में यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की परियोजना है ।

2. डी.बी.टेक. आई.टी.आई.:- भारत सरकार के रूलर डवलपमेन्ट कार्यक्रम के अंतर्गत बी.पी.एल धारियों को रोजगारमुखी प्रशिक्षण तीन महीने का दिया जाता है जिसमे टेªड इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड इत्यादि रहते है प्रशिक्षण उपरान्त उनको कपडे दिये जाते है एवं उनसे किसी भी तरह की फीस नही ली जाती है ।

3. समूहो को प्रशिक्षण:- स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के अंतर्गत जिले में स्वसहायता समूूहों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण हेतु म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास के ज्ञापन एवं भारत सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार स्वसहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया गया जिससे की स्वसहायता समूह प्रशिक्षण उपरांत खुद का रोजगार लगा सकें, और शासन द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ उठा सकें । एवं जिससे स्वसहायता समूह के सदस्य आत्मनिर्भर बन सकें।

4. किशोरियों को सबला प्रशिक्षण:- राजीव गांधी किशोरी बालिका को सशक्तिकरण योजना (सबला) के अंतर्गत किशोरी बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया जिससे किशोरियों को किसी भी तरह की होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सके एवं आगे आने वाले समय मे बालिकाओं का स्तर वा किशोरियों का स्तर बढाया जा सकें।

5. आओ बनाये मध्यप्रदेश जन अभियान:- जन अभियान द्वारा ग्राम विकास यात्रा का 07 दिवस की विकास यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें शासन की योजनाओं को नुक्कड नाटक के माध्यम से बताया गया है व ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया गया। मुख्य मंत्री द्वारा संस्था को प्रशास्ति पत्र भी प्रदान किया गया है।

6. जन अभियान की ग्राम विकास यात्रा:- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनअभियान परिषद के माध्यम से ग्रामविकास यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के सदस्यों द्वारा संयोजक की भूमिका निभाई गई जिससे गाॅव गाॅव जाकर लोगो को शासन की योजनाओं के बारे मे नुक्कड नाटक के माध्यम से बताया गया है ।जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकें।

7. स्वर्ण जयंती योजना अंतर्गत रोजगारमुखी प्रशिक्षण:- स्वर्ण जयंती योजना के अंतर्गत बी.पी.एल. धारियों को निम्न ट्रडो मे प्रशिक्षण दिया गया व प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षाणार्थीयों को रोजगार दिलवाया गया जिससे कि समाज मे रोजगार को कुछ बढावा दिया जा सके और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले रोजगार पा सकें।

8. स्वच्छता अभियान:- खुंली जगह पर शौच क्रिया से उत्पन्न होने वाली बीमारियों तथा लोक लज्जा की मर्यादा को देखते हुए ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाया गया स्वस्थ समाज की व्यवस्था कायम कराई गई पुरूष एवं महिलाओं को स्वस्छता अभियान मे सहयोग के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

9. एड्स से बचाओं पर कार्यक्रम:- एड्स जैसी जानलेवा संक्रामक बीमारी बडी तेजी के साथ पनप रही है, प्रशासन हर संभव प्रयासरत है इस घातक बीमारी से समाज की सुरक्षा की जाएं। समाज सेवा संस्था होने के नाते हमें भी समाज को इस संक्रामक बीमारी से बचाओं के लिए ट्रान्सपोर्ट लाइने, हाइवे, ढाबों तथा बसों मे जागरूकता शिविर लगा कर लोगों एड्स जागरूकता संबंधी जानकारी दी गई
10. नशा मुक्ति अभियान:- समाज में नशा एक एैसी लत है जिससे जान एवं माल दोनो का नुकशान हो रहा है। वर्तमान समय में युवा पीढी धनी एवं निर्धन दोनों ही चाहे वह महिलाएं हो या पुरूष लडके हो या लडकियां नशा कर रही है एवं अपना जन धन दोनों नष्ट कर रही है इस भयानक समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए गांव-गांव एवं मलीन बस्ती मे जगरूकता अभियान शिविर के माध्यम से किया गया एवं नशा ना करने की सहाल दी गई ।

11. महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम:- समाज मे महिलाओं के स्तर को सुधारने के लिए संस्था द्वारा उनकी समस्याओं को सुनने के लिए पुलिस विभाग, महिला बाल विकास, नगर निगम, तथा निपसिड अधिकारियों के समक्ष उनको जागरूकता संबंधी जानकारी दी गई।

12. नव किशोरों का जागृकता कार्यक्रम:-संस्था ने वर्ष 2014 में किशोर स्वास्थ कार्यक्रम के माध्यम से किशोरो एवं किशोरियों को प्रदर्शनी के माध्यम से स्वास्थ संबंधी समस्याओं के बारे में जागृक किया एवं समस्याओं से बचने के सुझाव प्रदान कराये।
रीवा जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया कि आपका शरीर परिवर्तन से गुजर रहा है यदि आपको ऐसी कोई समस्या आती है तो यह स्वभाविक बात है घबराये नहीं अपने बड़ों से बताये और उपचार लें। प्रदर्शनी मंे आये किशोरियों केा डाक्टरों के टीम के माध्यम से किशोरियों केा हुई शारीरिक समस्याओं का समाधान बताया गया।

13. घरेलू हिंसा पर कार्यक्रम: समाज में महिलाओं के स्तर को सुधारने के लिए संस्था द्वारा उनकी समास्याओं को सुनने के लिए पुलिस विभाग, महिला बाल विकास, नगर निगम, तथा निपसिड अधिकारियों के समक्ष जो महिलाओ के साथ गलत हो रहा है उससे महिलाओं को हिंसा बंद करने व घर की समस्याओं के साथ अपने ऊपर हो रहे हिंसा को बिल्कुल ना सहे एवं उनको कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई।

14. तम्बाकू निशेध दिवस:- 31 मई को तम्बाकू निशेध दिवश के अवसर पर संस्था द्वारा जागरूकता शिविर अलग अलग स्थानो मे लगाया जाता है। जिसमें लोगोें को तम्बाकू इत्यादि नशीली वस्तुओं से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

15. विश्व पर्यावरण दिवस:- 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण पर परिचर्चा का अयोजन किया गया जिसमें भाहरी क्षेत्र को हरा भरा बनाने व सरकारी एवं गैर संस्थाओं को इकठ्ठा किया गया लोगों को जल एवं वायु प्रदूषण होने से बचाने ताकि मलेरिया जैसी घातक बीमारी से बचाव हो सके इनके बचाव के उपाय पर परिचर्चा की गई

16. सडक सुरक्षा कार्यक्रम:- अन्य कार्यक्रमों के साथ-साथ लोगों को सडक सुरक्षा के उपयो से अवगत कराया गया जिससे सडक दुर्घटना को कम किया जा सके। साथ ही से लगे हुए विघालओं के बच्चों को सडक सुरक्षा के उपयों से अवगत कराया गया।

17. जल की स्वच्छता का जागरूकता अभियान:- पी.एच.ई. विभाग के अन्तर्गत संस्था द्वारा गीत नाटिका एवं नुक्कड नाटक के माध्यम से जल की स्वच्छता का जागरूकता अभियान किया गया जिसमे रीवा एवं रीवा के पास समस्त गांवो में जागरूकता अभियान चलाया गया एवं पानी बहुत मूल है इसका दुरूपयोग ना करे एवं स्वच्छ पानी पीयें।

18. .बिछिया नदी का स्वच्छता अभियान:- जन अभियान द्वारा बिछिया नदी की स्वच्छता का अभियान चलाया गया जिसमें संस्था द्वारा पूरा सहयोग कर नदी की सफाई में पूरे 32 दिन के अभियान मे सहयोग कर सफाई अभियान को पूरा किया गया।

19. रक्त दान शिविर कार्यक्रम:- महिला दिवस मे अवसर पर संस्था द्वारा जिला अस्पताल मे रक्त दान शिविर मे भाग लेकर रक्त दान किया एवं आसपास के लोगो को जागरूक कर रक्त दान के लिए उत्साहित किया गया एवं लोगो ने बढचढ के हिस्सा लिया ।

20. स्वास्थ शिविर का आयोजन:- संस्था द्वारा सम्प्रेषण ग्रह एवं अन्य गृहो मे स्वास्थ शिविर का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों के स्वस्थ का परिक्षण किया गया एवं उनको दवा वितरित किया गया एवं स्वच्छता से रहने की सलाह दी गई।

21. स्कूल चले अभियान:- संस्था द्वारा बाल/बालिकाओं मे स्कूल के प्रति लगाव बढानें एवं स्कूली शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए स्कूल चले अभियान चलाया गया जिसमें बालक/बालिकाओ का सर्वे किया गया। तथा जो बालक स्कूल से वंचित रह गये है उन्हे फिर से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्लम बस्ती के कई बच्चों को फिर से स्कूल में प्रवेशित कराया गया

22. आपरेशन स्माइल:- संस्था द्वारा आपरेशन स्माइल के तहत होटलो एवं कारखानों से बाल श्रामिक के रूप मे काम करने वाले बच्चे को चाइल्ड एवं पुलिश के सहायता से मुक्त कराया गया। तथा उन्हे उनके पुर्नवास के लिए कई कार्य किये गये।

23. खुले में शौच मुक्त अभियान :- संस्था द्वारा ओडीएफ योजना के अंतर्गत खुले मे शौचमुक्त जागरूकता अभियान मे भाग लेकर लोगो को वार्डो मे जाकर जागरूक किया गया तथा सुबह लोगो को शौच ना करने की सलाह दी गई।

24. पुन 100 दिवसीय बिछिया स्वच्छता अभियान:- जन अभियान द्वारा बिछिया नदी की स्वच्छता का अभियान चलाया गया जिसमें संस्था द्वारा पूरा सहयोग कर नदी की सफाई में पूरे 100 दिन के अभियान मे सहयोग कर सफाई अभियान को पूरा किया गया। तथा यह अभियान दोबारा किया गया बिछिया नदी की सफाई में।

25. बेटी बचाओं बेटी पढाओं अभियान:- संस्था द्वारा बेटी बचाओं बेटी पढाओं अभियान के अंतर्गत लिंग अनुपात मे जो अंतर है उसकों कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाा गया ताकि लडकियों को लडकों के साथ बराबरी का सम्मान दिया जाए एवं जो लडकियां स्कूल से वंचित है उनको तथा उनके अभिभावक को समझाया गया कि लडकियों को स्कूल पढने भेजे क्योकि आज के समय मे शिक्षा ग्रहण करना अत्यंत आवश्यक है। तथा शासन की योजना बेटी बचाओ बेटी पठाओं कार्यशाला मे संस्था द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किया गया

26. रायॅल इंफिलडर क्लब:- संस्था द्वारा राॅयल इंफिलडर क्लब के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढाओ, स्वच्छता, सुरक्षित यातायात, हेलमेट पहनने का जागरूकता अभियान आदि के माध्यम से समाज को जागरूक करने का कार्य राॅयल इंफिलडर क्लब के माध्यम से किया जा रहा है। जिसमे बुलट राइड़ करके लोगो को जागरूक किया जाता है।

27. नशा मुक्ति जागरूकता अभियान:- संस्था द्वारा जनअभियान के तत्वाधान मे 15 दिन की पद यात्रा निकाली गई जिसमे रीवा शहर के 45 वार्डाे मे पैदल चलकर नुक्क्ड सभा, घर घर जाकर, तथा पैदल चल कर लोगो को नशा ना करने की सलाह दी गई तथा नशा नाश की जड़ है इससे दूर रहे लोगो को समझाया गया।

28. एकात्म यात्रा:- संस्था रमाशिव बहुउद्देशीय विकास समिति द्वारा एकात्म यात्रा मे लगातार यात्रा के सहयोग किया गया तथा रीवा पचमठा मंदिर से चल कर शहर मे गई जिसमे संस्था द्वारा यात्रा के साथ चल कर अपना भी योगदान दिया।

29. हेलमेट लाइबे्ररी:- संस्था द्वारा काॅलेजो मे हेलमेट लाइबे्ररी चालू की गई जिसमे काॅलेजो मे पढने वाले छात्र एव छात्राओ को हेलमेट के महत्व को समझाया गया तथा हेलमेट रख कर बच्चो को हेलमेट उपयोग करने की सलाह दी गई।

30. हाथ बढाए कुपोषण मिटाए:- संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण के साथ मिलकर कुपोषण मिटाओ कार्यक्रम किया गया जिसमे कुपोषण से बचने तथा कुपोषित बच्चो के संबंध मे चर्चा की गई बचाओ के उपाय बताये गया।

31. शिक्षा के अधिकार के तहत जागरूकता:- संस्था द्वारा महिल एवं बाल विकास विभाग के साथ शिक्षा के अधिकार के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमे स्लम बस्ती मे जाकर शिक्षा का महत्व समझाया गया तथा बस्ती के बच्चो का रजिस्ट्रेशन भी किया गया।

32. बालगृह संचालन:- संस्था द्वारा महिला एवं बाल विभाग द्वारा किशोर न्याय बालको की देखरेख संरक्षण अधिनियम 2015 के तहत बालगृह का संचालन किया जा रहा है। जिसमे 07-18 वर्ष के अनाथ, बेसहारा, लावारिस, भटके हुये बच्चो के लिए पूरी व्यवस्था की है